On the way to Krishna adhyay 2
कृष्ण का जप करने और उन्हें जानने का मार्ग हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे / हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे। यह दिव्य ध्वनि है। यह हमारे मन के दर्पण से धूल साफ करने में सहायक होगी। वर्तमान में हमारे मन के दर्पण पर इतनी भौतिक धूल जमा हो गई है, जैसे न्यूयॉर्क शहर के सेकंड एवेन्यू पर भारी यातायात के कारण हर चीज पर धूल और कालिख जमी रहती है। भौतिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण हमारे मन के निर्मल दर्पण पर बहुत धूल जमा हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप हम चीजों को सही परिप्रेक्ष्य में नहीं देख पा रहे हैं। दिव्य ध्वनि का यह कंपन (हरे कृष्ण मंत्र) इस धूल को साफ करेगा और हमें अपनी वास्तविक स्थिति को स्पष्ट रूप से देखने में सक्षम बनाएगा। जैसे ही हमें यह समझ आ जाता है कि “मैं यह शरीर नहीं हूँ; मैं आत्मा हूँ, और मेरा लक्षण चेतना है,” हम वास्तविक सुख में स्थापित हो जाएँगे। हरे कृष्ण का जाप करने से हमारी चेतना शुद्ध हो जाती है, और हमारे सभी भौतिक दुख दूर हो जाते हैं। इस भौतिक संसार पर एक अग्नि सदा जलती रहती है, और हर कोई उसे बुझाने का प्रयास करता है, लेकिन भौतिक दुखों की इस अग्नि को बुझा...